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विकासनगर चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर करने के फैसले से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी का माहौल

विकासनगर चौकी प्रभारी अर्जुन सिंह गुसाईं को लाइन हाजिर किया जाना विकासनगर के लोगों को उचित नहीं लग रहा है जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है सोशल मीडिया पर चौकी इंचार्ज अर्जुन सिंह गोसाई को लाइन हाजिर किए जाने को लेकर स्थानीय लोग लगातार पोस्ट वायरल कर अपनी आपत्ति दर्ज कर रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो भाइयों की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के मामले में बिना किसी जांच के अर्जुन सिंह गुसाईं को लाइन हाजिर करना एक जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया जा रहा है, दोनों भाइयों को संपत्ति विवाद के चलते शांति भंग करने वाली धाराओं में ‌विकासनगर बाजार चौकी प्रभारी ने मुकदमा दर्ज किया मामला संपत्ति का होने के कारण जांच के पश्चात प्रभारी ने दोनों पक्षों पर एफ आई आर दर्ज की किंतु एक पक्ष अर्जुन सिंह गोसाई द्वारा की गई कार्यवाही से संतुष्ट नहीं था।सूत्रों ने बताया है कि असंतुष्ट पक्ष ने आला अधिकारी से संपर्क कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई जिस पर बिना किसी जांच के बजार चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया।

सूत्रों की माने तो बजार चौकी प्रभारी अर्जुन सिंह गोसाई को लाइन हाजिर करना एक जल्दबाजी में लिया गया फैसला जैसा है जिससे एक कर्तव्यनिष्ठ, इमानदार,कर्मठ और निर्भीकता से काम करने वाले पुलिस अधिकारी को जिसने क्षेत्र में कोविड-19 की तीसरी लहर के दौरान लोगों की सांसो की डोर थामे रखी जो सैकड़ों ऑक्सीजन सिलेंडर लोगों को मुहैया करा चुका हो आज उसको बिना किसी जांच के विभागीय दंड मिलना लोगों को न्याय उचित नहीं लग रहा है लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्यवाही से एक ईमानदार पुलिस अधिकारी का मनोबल गिरता है तथा पुलिस विभाग की छवि पर भी दाग लगता है सोशल मीडिया तथा विकासनगर व आसपास के क्षेत्रों में बजार चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर करने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है अधिकतर लोगों का कहना है कि यह फैसला जल्दबाजी में लिया गया फैसला है अर्जुन सिंह गोसाई के विरुद्ध की गई कार्रवाई को न्याय उचित नहीं मानने वालों की एक बड़ी संख्या है इसका अंदाजा सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कई पोस्टो से लगाया जा सकता है। पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों को भी इस मामले पर फिर से विचार विमर्श करना चाहिए जिससे कि जन भावनाओं को ठेस ना पहुंचे और पुलिस की छवि पर भी गलत प्रभाव ना पड़े और एक ईमानदार निष्ठावान कर्मठ पुलिस अधिकारी का मनोबल भी बना रहे।
मु.संपादक-राजिक खान

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