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देहरादून में डेंगू ने दी दस्तक 8 साल के बच्चे समेत दो व्यक्तियों में हुई डेंगू की पुष्टि

देहरादून। कोरोना की दूसरी लहर से कुछ राहत मिल ही रही थी कि डेंगू फैलाने वाला मच्छर भी अब डंक मारने लगा है। दून में आठ साल के बच्चे समेत दो व्यक्तियों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा एक अन्य मरीज में भी डेंगू के लक्षण मिले हैं। जिले में डेंगू के अब तक तीन मामले आ चुके हैं। कोरोना की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों में जुटे स्वास्थ्य महकमे के सामने अब दोहरी चुनौती है। बीते साल प्रदेश में डेंगू का कोई भी मामला नहीं आया था, जिससे कोरोना के मोर्चे पर जूझ रहे स्वास्थ्य महकमे को भी राहत मिली थी, लेकिन अब विभाग को अपनी तैयारियों को और धार देनी होगी।

जिन दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, उनमें कांवली गांव निवासी आठ साल का बच्चा और विजय पार्क निवासी एक 40 वर्षीय व्यक्ति है।

दोनों को सिनर्जी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी सुभाष जोशी ने बताया कि दोनों की स्थिति सामान्य है और बुखार भी कम है। उनका प्लेटलेट्स काउंट भी ठीक है। विजय पार्क निवासी व्यक्ति दो दिन पहले ही हैदराबाद से लौटा है। वहीं, बच्चे की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। डेंगू के मामले सामने आने के बाद उक्त क्षेत्रों में निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। विजय पार्क में मरीज व उसके आसपास के कुछ घरों में कूलर व गमलों में लार्वा मिला है। जिसे नष्ट करा दिया है। यहां आसपास कोई अन्य व्यक्ति बुखार आदि से पीड़ि‍त नहीं मिला। कांवली गांव में मरीज के घर के आसपास कहीं लार्वा नहीं मिला है। नगर निगम दोनों क्षेत्रों में फागिंग कर रहा है। इसके अलावा दवा का छिड़काव भी किया गया है। आशा से भी सर्वे कराया गया है। जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) में हरभजवाला निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति भर्ती है। उसका सैंपल एलाइजा जांच के लिए भेजा गया है। जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।

डेंगू के लक्षण

तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों, जोड़ों में दर्द, जी मचलाना, उल्टी, आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते आदि।

बचाव के क्या है तरीके

पूरी बांह की शर्ट और पैंट पहने
आसपास में जलभराव व गंदगी ना होनें दें
घरों के गमले और कूलर में पानी ना जमा होने दें
पानी इस्तेमाल ना किया जाए तो पानी की टंकी में भी मच्छर पनप सकते हैं।
किसी भी बुखार को हल्के में ना लें
घर में साफ-सफाई रखें
घर में मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी, क्वाइल और लिक्विडेटर का प्रयोग करें
पक्षियों और पशुओं के पानी का बर्तन, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन, टायर, डिस्पोजल बर्तन-गिलास आदि में पानी न रहने दें। टंकियों को ढक कर रखें
प्रत्येक सप्ताह कूलर को खाली करके सुखा कर ही उपयोग में लाएं
मच्छर रोधी क्रीम, क्वाइल, रिपेलेंट आदि का उपयोग करें।
घर में कीटनाशक का नियमित रूप से छिड़काव करें।
घर के आसपास अनावश्यक एकत्र पानी में जला हुआ मोबिल आयल/मिट्टी का तेल डाल दें।

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