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एटीएम कार्ड जारी होते ही हो जाता है ₹5 लाख का बीमा, जानकारी ना होने पर आश्रित लोग नहीं उठा पाते लाभ

न्यूज़ इन:एटीएम ने हमारे जीवन को सरल बना दिया है। इसके जरिए कहीं भी रुपया निकाल सकते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि एटीएम का इस्तेमाल रूपये निकालने और खरीदारी करने तक ही सीमित नहीं है। बल्कि दुर्घटना की स्थिति में यह आश्रितिों का सहारा भी साबित हो सकता है। जानकारी के अभाव में लोग इसका लाभ नहीं ले पाते हैं। काेयलांचल की सड़कों पर प्रतिवर्ष 350 से भी अधिक लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा बैठते हैं लेकिन आर्श्चय की बात है कि आज तक किसी के परिजनों ने एटीएम बीमा का क्लेम बैंकों में नहीं किया। इस योजना को शुरू हुए कई वर्ष हो गए हैं लेकिन 90 से 95 फीसदी लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं है। वहीं बैंकों की ओर से भी ग्राहकों को भी इसकी जानकारी नहीं दी जाती है। वहीं जिला अग्रणी प्रबंधन नकुल साहु ने बताया कि एटीएम पर बीमा का प्रावधान है। लोगों को इसकी जानकारी होनी चाहिए। वहीं बैंकों को भी चाहिए कि वे अपने ग्राहकों को इसके प्रति जागरूक करें।

ये है शर्त

राष्ट्रीयकृत और गैर राष्ट्रीयकृत बैंकों के एटीएम कार्ड का उपयोग करने के 45 दिनों के भीतर मौत होने पर बीमा पॉलिसी के तहत संबंधित व्यक्ति के आश्रित मुआवजा के लिए क्लेम कर सकते हैं।

अगल-अलग कार्ड पर तय है बीमा राशि

बैंक कई तरह का एटीएम कार्ड ग्राहकों को देता है। कार्ड के अनुसार ही उन पर बीमा राशि तय की गई है। क्लासिक कार्ड पर एक लाख रूपये, प्लेटिनम पर दो लाख, मास्टर कार्ड पर 50 हजार रूपये जबकि मास्टर प्लेटिनम कार्ड पर पांच लाख रूपये तक का बीमा होता है। वहीं वीजा कार्ड पर डेढ़ से दो लाख रूपये तक बीमा लाभ मिलता है।

दुर्घटना के हिसाब से मुआवजा

दुर्घटना में एक हाथ और एक पैर से विकलांग होने पर 50 हजार रूपये, दोनो हाथ और दोनो पैर के नुकसान होने पर एक लाख, एटीएम धारक की मौत होने पर एक लाख रूपये जबकि मास्टर कार्ड ग्राहक के लिए दो लाख रूपये का प्रावधान है। वहं प्लेटिनम कार्ड धारक के लिए पांच लाख रूपये की बीमा राशि निर्धारित है।

ऐसे करें आवेदन

एटीएम कार्ड बीमा क्लेम के लिए आश्रितों को संबंधित बैंक में जाकर आवेदन करना होगा। मृत्यु प्रमाण पत्र, प्राथमिकी की कॉपी, आश्रित का प्रमाण पत्र, मृतक के प्रमाण पत्र की मूल कॉपी भी जमा करनी होगी।

जानें अपने हक को

एटीएम कार्ड से संबंधित पूछताछ बैंक में अवश्य करें। वहीं बैंक से जानकारी मांगे कि कितने की बीमा राशि तय है। बैंक अगर इनकार करें तो उसे बताएं की आपकों सरकार के इस योजना की पूरी जानकारी है। हादसे में यदि जान चली जाती है तो मिलने वाली बीमा राशि की मांग करें। यदि बैंक आना कानी करता है तो फिर इसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम में करें।

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