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उत्तराखंड में कालाबाजारी करने वालों पर लगेगी रासुका :डीजीपी अशोक कुमार

देहरादून।पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि पुलिस कालाबाजरी करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी। कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन व जीवनरक्षक दवाइयों की कालाबाजरी करने वालों के खुलाफ़ पुलिस राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि कालाबाजारी रोकने के लिए उत्तराखंड पुलिस की ओर से जनपदों की 158 टीमें और एसटीएफ की 10 टीमें लगाई गई हैं। टीमों की ओर से कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अब तक सभी टीमों ने 787 दबिश दी।

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में जिला हरिद्वार में एक मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें दो व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

वहीं, नकली रेमडेसिविर की कालाबाजारी में जिला हरिद्वार में एक मुकदमे में एक आरोपित के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार बरामदगियां की गई। ऑक्सीजन की कालाबाजारी के दौरान पुलिस ने तीन मुकदमे दर्ज किए, जिसमें नौ व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 91 बरामदगियां की गई। अन्य कालाबाजारियों में तय राशि से अधिक मूल्य पर विभिन्न मेडिकल उपकरणों को बेचने और अन्य दवाइयों की कालाबाजारी के दौरान प्रदेश में कुल सात मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें 10 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 11 बरामदगियां की गई हैं।

डीजीपी ने बताया कि मास्क न पहनने को लेकर 1,13,977 चालान, शारिरिक दूरी और अन्य कोरोना संक्रमण के नियमों के उल्लंघन को लेकर 1,05,763 और पुलिस एक्ट में 6352 कार्रवाई की गई। कुल 2,26,466 कार्रवाइयों में 373.12 लाख का जुर्माना वसूला गया। इस दौरान पुलिस की ओर से 4,49,116 मास्क वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के सभी जनपदों, वाहनियों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो महामारी के दौरान आम लोगों को सहायता प्रदान कर रहे हैं।

पुलिस की ओर से 392 व्यक्तियों को राशन, भोजन वितरित किया गया, जबकि 2898 व्यक्तियों को दवाइयां, 1579 लोगों को दूध व आवश्यक सेवा, 322 व्यक्तियों को आक्सीजन दिलाने, 172 को अस्पतालों में बेड सुविधा प्रदान करने और लगभग 100 व्यक्तियों को प्लाज्मा डोनेट कराने में सहायता प्रदान की गई। कोरोना महामारी के दौरान कोविड-19 से मृत 159 व्यक्तियों का दाह संस्कार पुलिस की ओर से किया गया।

संक्रमण को रोकने के लिए राज्य की सीमाओं, जनपद की सीमाओं, जनपद के अंदर के बैरियर प्वांइट्स, कर्फ्यू प्वाइंट्स, आइसोलेशन, क्वारंटाइन सेंटर, कोविड अस्पताल, श्मशान घाट, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, वैक्सीनेशन सेंटर्स, मेडिकल स्टोर्स, ऑक्सीजन प्लांट और अन्य स्थानों में कुल 1878 स्थानों पर कुल 7866 नागरिक पुलिस, 24 कंपनी पीएसी के अतिरिक्त एसडीआरएफ की 31 यूनिटों को तैनात किया गया किया गया है। इनके अतिरिक्त सभी 13 जनपदों के कोविड-19 कंट्रोलरूमों में 91 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनकी ओर से अब तक 4964 कॉल अटेंड कर सभी का निस्तारण किया गया।

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस के कुल 18282 कोविड टेस्ट किए गए और 1981 पुलिसकर्मी संक्रमित हुए, जिनमें से आठ पुलिसकर्मियों की मृत्यु हुई। कोविड-19 की द्वितीय लहर में उत्तराखंड पुलिस के लगभग 1454 संक्रमित हुए। इस दौरान 7003 टेस्ट किए गए, कोविड-19 की द्वितीय लहर में दो पुलिसकर्मियों की मृत्यु भी हुई। इन पुलिस कर्मियों को स्वास्थ्य कारणों से कोरोना वैक्सीन नही लगी थी। उत्तराखंड पुलिस के 25,094 पुलिसकर्मियों में से 24,163 पुलिसकर्मियों को वैक्सीन की प्रथम डोज जबकि 23,705 को दूसरी डोज भी लग चुकी है।

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