News In

No.1 News Portal of India

कोरोना महामारी से जूझ रहे भारत को मिली विदेशी सहायता: केंद्र

नयी दिल्ली, 17 मई केंद्र ने सोमवार को कहा कि विदेशी सहायता के तौर पर मिले 19 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 11,321 ऑक्सीजन सांद्रक, 15,801 ऑक्सीजन सिलेंडर और करीब साढ़े पांच लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन 27 अप्रैल से 16 मई के बीच विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वितरित किये जा चुके हैं या वहां के लिये रवाना किये जा चुके हैं।

सरकार को 27 अप्रैल से विभिन्न देशों और संगठनों से कोविड-19 चिकित्सा राहत सामग्री और उपकरण के तौर पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्राप्त हो रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि एक सुव्यवस्थित व प्रणालीबद्ध रूप से विभिन्न मंत्रालय और विभाग ‘समूची सरकार’ के तौर पर बिना किसी रुकावट के सामूहिक रूप से आने वाली वैश्विक सहायता को राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंचाने के काम में जुटे हैं।

मंत्रालय ने कहा कि कुल मिलाकर 11321 ऑक्सीजन सांद्रक, 15801 ऑक्सीजन सिलेंडर, 19 ऑक्सीजन संयंत्र, 7470 वेंटीलेटर या बाइपेप और करीब साढ़े पांच लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन सड़क या हवाई मार्ग से 27 अप्रैल से 16 मई के बीच वितरित या रवाना किये जा चुके हैं।

मंत्रालय ने कहा कि 15-16 मई को आई सहायता में ऑस्ट्रेलिया, रोमानिया, अमेरिका, कजाकस्तान, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ (जर्मनी, पुर्तगाल, स्लोवेनिया), कतर, कुवैत, आईसीबीएफ (कतर), ब्रिटिश ऑक्सीजन कंपनी (ब्रिटेन), मेडिकल ऐड (ब्रिटेन) से बड़े पैमाने पर मिली राहत सामग्री शामिल हैं जिनमें 263 ऑक्सीजन सांद्रक, 105 वेंटीलेटर, बाइपेप और सीपेप, 2332 ऑक्सीजन सिलेंडर, 30753 रेमडेसिविर इंजेक्शन और अन्य दवाएं शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा कि राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों और संस्थानों तक इस राहत सामग्री का प्रभावशाली तरीके से शीघ्र आवंटन और वितरण एक नियमित प्रक्रिया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय नियमित रूप से इसकी व्यापक निगरानी कर रहा है।

मंत्रालय ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के तौर पर मिलने वाले अनुदान, सहायता और दान के रूप में आने वाली कोविड राहत सामग्री की प्राप्ति और आवंटन के बेहतर प्रबंधन के लिए एक समर्पित समन्वय प्रकोष्ठ का गठन भी किया गया है।

मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि इस प्रकोष्ठ ने 26 अप्रैल से काम करना शुरू किया था। मंत्रालय ने इस संबंध में दो मई को एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर उसे लागू कर दिया है।

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: