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उत्तराखंड में तीन आई एफ एस अधिकारियों के 23 दिन पहले हुए तबादलों को किया गया निरस्त।

देहरादून। भारतीय वन सेवा (आइएफएस) के तीन अधिकारियों के 23 दिन पहले हुए तबादले निरस्त कर दिए गए हैं, जबकि एक का बोझ घटाया गया है। इस संबंध में बुधवार को शासन ने आदेश जारी कर दिए। इसके अलावा राज्य वन सेवा संवर्ग में प्रभारी वनाधिकारी स्तर के पांच अधिकारियों के तबादले भी कर दिए गए हैं।

शासन ने बीती 27 अप्रैल को आइएफएस अधिकारियों के तबादले किए थे। इनमें उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और निदेशक पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन का दायित्व देख रहे अपर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक एसपी सुबुद्धि, उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी हल्द्वानी के निदेशक की जिम्मेदारी देख रहे मुख्य वन संरक्षक डा. इंद्रपाल सिंह भी शामिल थे।

शासन ने इनके तबादला आदेश निरस्त कर दिए हैं और उन्हें पूर्व पदों पर यथावत रखा है।

इसी तरह बाध्य प्रतीक्षारत अपर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक डा कपिल कुमार जोशी का तबादला निरस्त कर उन्हें वन संरक्षण एवं नोडल अधिकारी का जिम्मा सौंपा गया है। अपर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक नीना ग्रेवाल से वन पंचायत एवं सामुदायिक वानिकी का प्रभार वापस लिया गया है। वह परियोजना निदेशक व अतिरिक्त निदेशक जलागम निदेशालय का दायित्व देखती रहेंगी।

राज्य वन सेवा संवर्ग में प्रभारी वनाधिकारी स्तर के जिन पांच अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, उनमें बीबी मर्तोलिया को देहरादून से कालसी, महिपाल सिरोही को रुद्रप्रयाग से राजाजी टाइगर रिजर्व, उमेश चंद्र तिवारी को रामनगर से रानीखेत, नवीन चंद्र पंत को पिथौरागढ़ से रामनगर और रंगनाथ पांडेय को गंगोत्री नेशनल पार्क भेजा गया है। मर्तोलिया 30 जून और पांडेय 31 जुलाई को संबंधित प्रभागों में कार्यरत अधिकारियों की सेवानिवृत्त के उपरांत कार्यभार ग्रहण करेंगे।

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